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गठिया निवारण
ॐ मूलनमः धरुक्षतमः जाहि-जाहि ध्वांक्ष तमः । प्रकीर्ण अंग पस्तार प्रस्तार मुंच मुंच।। इस मंत्र के द्वारा मंगलवार के दिन मोर पंख से झाड़ना चाहिए।…
ज्वर नाशक
कुछ लोगों को ज्वर से बहुत दिनों तक कष्ट होता है। रोगी दवा खाते-खाते परेशान हो जाता है, परंतु मुक्त नहीं हो पाता। ॐ नमो…
पीलिया निवारण
एक कांसे की पैंदीदार कटोरी में सरसों का तेल लेकर रोगी के मस्तक पर चंदन लेप की तरह सात बार मंत्र का उच्चारण करते हुए…
ग्रह नाशक
इस मंत्र को बार-बार पढ़कर बच्चे के ऊपर हाथ फेरने या कुशा से जल छिड़कने से सभी प्रकार की बीमारियां दूर होती हैं। मंत्र ऐं…
सिरदर्द हेतु
मंत्र निसुनीह रोई बद कर मेघ गरजहि निसु। न दीपक हलुथर फुफनिबेरि फूनि डमरू न बजे निसुनहि कलह निम्न फटु काच मई ।। इस मंत्र…
वीर्य स्तंभन
अपामार्ग (एक वटी) को सोमवार की शाम को निमंत्रण दे आवें और मंगलवार का प्रातः उखाड़ लावें । मैथुन के समय इसे कमर में बांध…
सर्प स्तंभन
गांवों में जहां घरों में सर्प प्रायः निकला करते हैं । तब यह प्रयोग करते हैं। मंत्र ॐ प्लः सर्प क्रालय स्वाहा। स्तम्भेन कुरू कुरू…
बुद्धिनाशक स्तंभन
मंत्र नमो भगवतेम शत्रुबुद्धि विनष्टाय आगच्छ स्वाहा । इस मंत्र को पहले एक हजार बार जपकर सिद्ध कर लेना चाहिए। उसके बाद हरताल और हल्दी…
अतिवृष्टि स्तंभन
मंत्र ॐ नमो भगवते मेघ स्तम्भन कुरु कुरु स्वाहा। इस मंत्र को पहले दस हजार की संख्या में जाप करके सिद्ध कर लिया जाता है।…
स्तंभन
अग्नि स्तंभन मंत्र- अनेक बार ऐसा भी देखा गया है कि गांवों में कोई आग को बांधने का मंत्र पढ़ता है जिससे आग आगे…

