गांवों में जहां घरों में सर्प प्रायः निकला करते हैं । तब यह प्रयोग करते हैं।
मंत्र
ॐ प्लः सर्प क्रालय स्वाहा।
स्तम्भेन कुरू कुरू स्वाहा।। इस मंत्र को ग्रहण के दिन रात्रि में 21 हजार बार जापकर सिद्ध करके, फिर मिट्टी के सात ढेले अभिमंत्रित कर सर्प की तरफ फेंकने से सर्प ठहर जाता है।
मंत्र
ॐ प्लः सर्प क्रालय स्वाहा।
अशेष कुल सर्प कुलाय स्वाहा।। उक्त मेंत्र को दस हजार बार जपकर सिद्ध करने के बाद सर्प के सामने आने पर हाथ में मिट्टी लेकर सात बार मंत्र से अभिमंत्रित करके सर्प की तरफ फेंकने से वह भाग जाता है। आक्रमण नहीं करता।


