बुद्धिनाशक स्तंभन

मंत्र
नमो भगवतेम शत्रुबुद्धि विनष्टाय आगच्छ स्वाहा ।

इस मंत्र को पहले एक हजार बार जपकर सिद्ध कर लेना चाहिए। उसके बाद हरताल और हल्दी के चूर्ण को पानी में घोलकर अनार की कलम से भोजपत्र पर मंत्र को लिखकर तावीज बनाकर हरे वस्त्र में लपेटकर शत्रु के द्वार पर गाड देने से उसकी बुद्धि नष्ट हो जाती है।

Author: Guru Ji