गर्भ रक्षा हेतु

गर्भधारण के पश्चात गर्भ न गिरे इसके लिए अविवाहित कन्या द्वारा काते गए। सूत को निम्न मंत्र से अभिमंत्रित करके तावीज बनाकर स्त्री के गले … Continue reading गर्भ रक्षा हेतु