गठिया निवारण

ॐ मूलनमः धरुक्षतमः जाहि-जाहि ध्वांक्ष तमः ।
प्रकीर्ण अंग पस्तार प्रस्तार मुंच मुंच।।

इस मंत्र के द्वारा मंगलवार के दिन मोर पंख से झाड़ना चाहिए। यदि पेट में वायु का दोष बना रहता हो तो निम्न मंत्र को पढ़ते हुए चाकू से 20 पड़ी रेखा व 40 खड़ी रेखा खींचकर उस पर फूंक मारने से लाभ होता

Author: Guru Ji