मंत्र
ॐ नमो भगवते मेघ स्तम्भन कुरु कुरु स्वाहा।
इस मंत्र को पहले दस हजार की संख्या में जाप करके सिद्ध कर लिया जाता है। फिर दो नई ईटें लेकर उसे सपुट बनाकर उस पर चिता के कोयले से ‘मेघ’ शब्द लिखकर मंत्र से 108 बार अभिमंत्रित करते हैं। अब ईंटों को जमीन में गाड़ देने से जलवृष्टि रुक जाती है।


